MA Course Details in Hindi [2022] | एम ए क्या है, संपूर्ण जानकारी

MA Course Details in Hindi, MA ka Full Form, Master of Arts, एम ए क्या है, एम ए करने के फायदे, MA Syllabus in Hindi

एक समय था जब दसवीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई के पश्चात ही एक अच्छी नौकरी प्राप्त की जा सकती थी। लेकिन आजकल बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण अधिकतर नौकरियों में स्नातक डिग्री या मास्टर डिग्री की आवश्यकता होती है।

मास्टर डिग्री हासिल करने के पश्चात नौकरी प्राप्त करने के सबसे अधिक अवसर होते हैं। कई ऐसी सरकारी तथा निजी पदों के लिए नौकरियां होती हैं, जिनमें मास्टर डिग्री आवश्यक होती है।

भारत के कॉलेजों में विभिन्न प्रकार के मास्टर डिग्री होती हैं। उनमें से एक मास्टर डिग्री का नाम MA Course है।

एम ए कोर्स एक पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है। इस कोर्स को स्नातक डिग्री के पश्चात किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि 2 वर्ष की होती है।

हमारा आर्टिकल MA Course Details in Hindi पर आधारित होने वाला है। इस आर्टिकल में एम ए कोर्स की संपूर्ण जानकारी दी गई है।

जो भी विद्यार्थी m.a. की मास्टर डिग्री हासिल करने में रुचि रखते हैं। उनके लिए इस MA Course से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना जरूरी है। जो कि नीचे दी गई है।

  • M.a. क्या है
  • MA ka Full Form क्या है
  • एम ए कोर्स कितने साल का है (MA Course How many years)
  • एम ए कोर्स फीस क्या होती है
  • एम ए कोर्स कौन कर सकता है
  • MA Course कितने प्रकार का होता है
  • एम ए करने के फायदे क्या है
  • M.a. की सैलरी कितनी होती है
  • MA Course के लिए भारत के सबसे अच्छे कॉलेज कौन से हैं

इन सभी महत्वपूर्ण बातों को बारी बारी से इस आर्टिकल में बताया गया है।

पाठकों की आसानी के लिए इस आर्टिकल में हिंदी तथा अंग्रेजी भाषा का मिश्रित प्रयोग किया गया है।

Ma Course Details in Hindi
MA Course Details

एम ए कोर्स की संपूर्ण जानकारी में एम ए कोर्स क्या होता है यह जानने से पहले MA ka Full Form जानना आवश्यक है। आइए सबसे पहले MA Full Form के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

MA Full Form in Hindi | एम ए कोर्स का फुल फॉर्म क्या है

M.a. का फुल फॉर्म Master of Arts है। इसको हिंदी में मास्टर ऑफ आर्ट्स उच्चारित किया जाता है। Master of Arts में प्रयोग हुए शब्द अंग्रेजी भाषा के हैं।

MA Full Form in Hindi: हिंदी भाषा में MA ka Full Form कला से स्नातकोत्तर होता है। इसका मतलब कला के विषयों में मास्टर डिग्री होता है। जिसे कला में पोस्ट ग्रेजुएशन भी कहा जाता है।

MA ka Full Form की जानकारी के बाद अब आगे m.a. क्या होता है इससे संबंधित जानकारी दी गई है।

What is MA Course Details in Hindi | एम ए कोर्स क्या है

एम ए कोर्स एक मास्टर डिग्री है। जिसे विभिन्न प्रकार के विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।  इस कोर्स को स्नातक डिग्री के पश्चात किया जा सकता है। यह कोर्स 2 वर्ष की अवधि का कोर्स है।

इस कोर्स के माध्यम से आप किसी भी विषय का चयन कर उसने उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इस कोर्स को अनेकों प्रकार के विषयों से किया जा सकता है।

इस कोर्स को मानविकी, भूगोल, नृविज्ञान समाजिक विज्ञान, संचार, और भाषा विज्ञान  जैसे विषयों का चुनाव कर कर किया जा सकता है।

यह MA Course सरकारी तथा प्राइवेट नौकरियां को प्राप्त करने में मददगार साबित होता है। जिन नौकरियों में योग्यता के रूप में मास्टर डिग्री अनिवार्य होती है। इस डिग्री के माध्यम से सरकारी नौकरी के रूप में उच्च पदों पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।

शिक्षक बनने के इच्छुक विद्यार्थी इस कोर्स के माध्यम से किसी विशेष विषय का चुनाव कर उस विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के पश्चात वे उस विषय के शिक्षक बन जाते हैं।

आय के लिहाज से भी यह कोर्स एक अच्छा विकल्प है। इस कोर्स के माध्यम से अनेकों प्रकार के रोजगार प्राप्त किए जा सकते हैं। जिनमें अच्छी आय होती है।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेसर बनने के लिए भी विषय का चुनाव कर उसमें मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद आगे पीएचडी जैसे कोर्स किए जा सकते हैं।

अन्य मास्टर डिग्रियों के मुकाबले यह कोर्स आसान पाठ्यक्रम वाला तथा सबसे कम खर्च में किए जाने वाला कोर्स माना जाता है। इसलिए इस कोर्स के प्रति विद्यार्थियों का आकर्षित होना अत्यधिक देखा जाता है।

कुल मिलाकर कहें तो स्नातकोत्तर डिग्री के रूप में एम ए कोर्स का चुनाव करना भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।

एम ए कोर्स की जानकारी में अभी आपने m.a. क्या है से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली है। इससे पहले आपने MA ka Full Form kya hota hai वह भी जान चुके हैं।

इस मास्टर डिग्री से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए अब आगे इस कोर्स को करने के लिए क्या योग्यता होनी जरूरी होती है यह जानना आवश्यक है। आर्टिकल के अगले पड़ाव में MA Course Eligibility से संबंधित जानकारी दी गई है।

Eligibility for MA Course Details in Hindi | m.a. कौन कर सकता है

MA Course एक स्नातकोत्तर डिग्री है। जिसे करने के लिए विद्यार्थी को पहले स्नातक डिग्री करनी आवश्यक होती है। इस मास्टर डिग्री को विभिन्न प्रकार के विषयों के साथ किया जा सकता है।

विषय का चुनाव करते समय आप जिस विषय को चुनते हैं। उस विषय का आपकी स्नातक डिग्री में होना आवश्यक होता है। जैसे आपने अर्थशास्त्र से स्नातक डिग्री की हुई है। तो आप एम ए कोर्स में अर्थशास्त्र विषय का चुनाव कर सकते हैं।

इस Master of Arts कोर्स में प्रवेश लेने के लिए और भी बहुत सारी नियम और शर्तें होती हैं। उन सभी नियम और शर्तों का विवरण नीचे दिया गया है।

  • विद्यार्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी कॉलेज से स्नातक डिग्री हासिल करना आवश्यक है।
  • स्नातक डिग्री के दौरान किसी विशेष विषय का होना निर्धारित नहीं किया गया है। लेकिन स्नातक डिग्री के रूप में बीए करना इस कोर्स के लिए फायदेमंद रहता है।
  • वही 11वीं तथा 12वीं कक्षा के दौरान भी किसी विशेष विषय का चयन करना आवश्यक नहीं है। लेकिन वहां भी कला के विषयों का चयन करना बीए तथा एम ए के लिए फायदेमंद रहता है।
  • ग्रेजुएशन में विद्यार्थी के कम से कम 45% अंक होने आवश्यक होते हैं। कुछ कॉलेज में यह सीमा 50% होती है।
  • प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। उन प्रवेश परीक्षाओं को पास करने पर ही प्रवेश प्रदान किया जाता है।
  • अन्य कॉलेजों में स्नातक डिग्री में प्राप्त हुए अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर प्रवेश प्रदान किया जाता है।

ऊपर बताए गए सभी नियम और शर्तों को जो विद्यार्थी पूरा कर लेता है। उसे इस मास्टर डिग्री कोर्स में प्रवेश प्राप्त हो जाता है।

इस आर्टिकल MA Course Details in Hindi में अब आगे इस कोर्स में लगने वाले समय MA Course How many years से संबंधित जानकारी दी गई है।

MA Course Duration in Hindi | m.a. कितने साल का कोर्स है

एम ए कोर्स की अवधि कुल 2 वर्ष की होती है। इन 2 वर्षों के पाठ्यक्रम को 6-6 महीने के सेमेस्टर में विभाजित किया जाता है। इसके कुल 4 सेमेस्टर होते हैं। प्रत्येक सेमेस्टर के पश्चात परीक्षा आयोजित की जाती है।

जो भी विद्यार्थी इस कोर्स को करने में रुचि रखते हैं। उनके मन में सवाल होता है, कि वह इस कोर्स को जल्दी से जल्दी कितने समय में कर सकते हैं। यानी वह जानना चाहते हैं MA Course How many years, एमए कोर्स कितने साल का है।

वैसे तो एम ए कोर्स का पाठ्यक्रम 2 वर्षों का ही होता है। लेकिन कुछ प्रतिष्ठित कॉलेजों में इस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाती है। उस प्रवेश परीक्षा में तथा उसकी तैयारी करने में भी 2 से 3 महीने का समय लग जाता है।

इस प्रकार अगर प्रवेश परीक्षा की तैयारी और पाठ्यक्रम के समय को मिलाया जाए तो इस Master of Arts कोर्स को कम से कम 2 वर्ष से लेकर 2.5 वर्ष के अंदर किया जा सकता है।

वही जो विद्यार्थी समय को बचाना चाहते हैं । वे इस कोर्स को बिना प्रवेश परीक्षा वाले शिक्षण संस्थान से करके सिर्फ 2 वर्ष में ही इस मास्टर डिग्री को हासिल कर लेते हैं।

लेकिन जो विद्यार्थी प्रतिष्ठित कॉलेज से ही इस डिग्री को करना चाहते हैं। वे स्नातक डिग्री के दौरान ही प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर लेते हैं। जिससे वे भी इस कोर्स को लगभग 2 वर्ष में ही पूरा कर लेते हैं।

MA Course Fees in Hindi | m.a. की फीस कितनी है

एम ए कोर्स की मास्टर डिग्री को विभिन्न प्रकार की विषय विशेषज्ञता के साथ किया जा सकता है। उन सभी विषय विशेषज्ञता का पाठ्यक्रम भी अलग अलग होता है। जिस कारण उनकी फीस भी अलग-अलग मात्रा में होती है।

वही हर एक कॉलेज के द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं जैसे फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर भी एक दूसरे कॉलेज से भिन्न होती हैं। तथा पाठ्यक्रम भी अलग होता है। जिस वजह से उन सभी कॉलेजों में MA Course Fees एक दूसरे से अलग होती है।

ऊपर बताए गए इन प्रमुख कारणों की वजह से एम ए कोर्स फीस का कोई एक आंकड़ा लगा पाना आसान नहीं है। लेकिन सभी कॉलेजों के द्वारा ली जाने वाली m.a. की फीस का औसत के अनुसार अनुमान लगाया जा सकता है।

MA Course Fees लगभग ₹8000 से लेकर ₹100000 तक होती है। सरकारी कॉलेज में इस कोर्स की फीस ₹5000 से भी कम होती है। जबकि कई अन्य कॉलेजों में m.a. की फीस लगभग ₹150000 से भी अधिक होती है।

अधिक जानकारी के लिए नीचे कुछ कॉलेजों के नाम और उनके द्वारा ली जाने वाली MA Course Fees का विवरण दिया गया है। इस विवरण से आपको अंदाजा हो जाएगा कि भारतीय कॉलेजों में एम ए कोर्स की फीस कितनी होती है।

Presidency College, Chennai₹ 1,730
Symbiosis College of Arts and Commerce, Pune₹ 62,328
Loyola College, Chennai₹ 88,000
Fergusson College, Pune₹ 14,765
MCM DAV College for Women, Chandigarh₹ 39,270
St Joseph’s College, Bangalore₹ 199,500
Hansraj College, Delhi₹ 36,868
Government Arts College, Coimbatore₹ 1,750
St Xavier’s College, Ahmedabad₹ 64,040
Hindu College, Delhi₹ 54,030

ऊपर दिए गए M.A. कोर्स फीस के आंकड़े सिर्फ उदाहरण के लिए दिए गए हैं। हमारे द्वारा दिए गए आंकड़ों और कॉलेज की वर्तमान फीस में कुछ अंतर भी हो सकता है।

इसीलिए विद्यार्थी से अनुरोध है कि m.a. की फीस से संबंधित उचित जानकारी कॉलेज की वेबसाइट या कॉलेज में विजिट करके अवश्य प्राप्त करें।

एम ए कोर्स की जानकारी में अब आगे यह एम ए कोर्स कितने प्रकार का होता है। इसके बारे में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। आइए MA Course की विषय विशेषज्ञता के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

MA Course Specialization in India | एम ए कोर्स कितने प्रकार का होता है

कला से संबंधित इस एन ए कोर्स को विभिन्न प्रकार की विषय विशेषज्ञताओं के साथ किया जा सकता है। इस कोर्स को अर्थशास्त्र, इतिहास, साइकोलॉजी, भूगोल, धार्मिक अध्ययन से लेकर किसी भी भाषा अध्ययन में किया जा सकता है।

आपकी जानकारी के लिए Master of Arts कोर्स की कुछ प्रमुख विषय विशेषज्ञता के नाम नीचे दिए गए हैं। जिनसे आपको एम ए कोर्स के विभिन्न प्रकार का कुछ अंदाजा हो सके।

MA Course Specialization

  • MA Economics
  • MA Political Science
  • MA History
  • MA Psychology
  • MA Communication Studies
  • MA Philosophy
  • MA Archaeology
  • MA Sociology
  • MA Religious Studies
  • MA Geography
  • MA Literature
  • MA Library & Information Science
  • MA Linguistics
  • MA Teaching Education
  • MA International Relations
  • MA any language ( Hindi, English, Punjabi, Urdu, etc)

ऊपर बताए गए इन एम ए कोर्स के प्रकारों में से किसी भी एक को चुन कर उसमें Master of Arts मास्टर डिग्री हासिल की जा सकती है। इनके अलावा भी और बहुत सारे विषय विशेषज्ञता होती हैं। जिनमें इसे में कोर्स को किया जा सकता है।

MA Syllabus in Hindi | m.a. सिलेबस क्या होता है

एम ए कोर्स का सिलेबस पूरी तरह से चुने गए एम ए कोर्स के प्रकार के ऊपर निर्भर करता है। MA Syllabus को दो भागों में विभाजित किया जाता है। जिसमें प्रथम भाग में कुछ कोर विषय होते हैं। जबकि दूसरे भाग में चुनी गई विषय विशेषज्ञता के अनुसार विषय होते हैं।

जैसा कि आप अभी ऊपर जान चुके हैं, इस कोर्स को विभिन्न प्रकार की विषय विशेषज्ञता के साथ किया जा सकता है। उन सब के पाठ्यक्रम भी अलग-अलग होते हैं।

नीचे हम उदाहरण के तौर पर कुछ प्रकार के विषय विशेषज्ञता का पाठ्यक्रम दे रहे हैं। अन्य प्रकार के एम कोर्स में भी इसी से मिलता जुलता MA Syllabus होता है।

MA Syllabus of History

Semester 1

  • Principles of History
  • History of India‟s Independence Struggle to 650
  • History of Ideas in Modern India
  • Research Methodology and Historical Investigation

Semester 2

  • History of Ideas in Medieval India
  • Society, Culture and Religion in Medieval India
  • Polity & Economy of India 1200-1750
  • State in India

Semester 3

  • Indian Nationalism upto 1905
  • Indian National Movement (1905-1947)
  • 18th to 19th century world
  • History of Madhya Pradesh

Semester 4

  • Tribal History of India With Special Reference of Madhya Pradesh
  • Women in Indian History
  • Historical Application in Tourism
  • Dissertation

MA Syllabus of English

Semester I

  • The Structure of Modern English
  • English Fiction
  • Traditional English Drama

Semester II

  • The Structure of Modern English
  • English Fiction
  • Modern English Drama

Semester III

  • Literary Theory and Criticism
  • English Poetry
  • Shakespeare (Early Works)

Semester IV

  • Literary Theory and Criticism
  • English Poetry
  • Shakespeare (Later Works)

MA Syllabus of Economics

Semester 1

  • Microeconomic Theory
  • Introductory Mathematical Economics
  • Introductory Econometrics
  • International Trade

Semester 2

  • Macroeconomic Theory
  • Theory of Pricing and Distribution
  • International Finance
  • Quantitative Methods

Semester 3

  • Development Economics
  • International Economics
  • Econometrics-1
  • Industrial Economics (Electives)
  • Environmental Economics (Electives)
  • Globalization and Economics (Electives)

Semester 4

  • Public Economics
  • Econometrics-2
  • Project Work
  • Financial Economics (Electives)
  • Economics of Infrastructure (Electives)
  • Economic Demography (Electives)
  • Economics and Law (Electives)

अभी आपने ऊपर इतिहास, अंग्रेजी और अर्थशास्त्र से संबंधित m.a. पाठ्यक्रम का विवरण जानकारी प्राप्त की। इसी प्रकार से अन्य एम ए कोर्स के प्रकारों में पाठ्यक्रम होता है ।

इस आर्टिकल MA Course Details in Hindi में अब तक आपने एम ए कोर्स की जानकारी से संबंधित हर महत्वपूर्ण विषय के बारे में जान लिया है। अब आगे m.a. करने के फायदे क्या हैं इसके बारे में जानकारी दी गई है।

Benefits of MA Course in Hindi | m.a. करने के फायदे

एम ए कोर्स से संबंधित अन्य जानकारियों के साथ ही m.a. करने के फायदे के बारे में भी जानना आवश्यक है। जो भी विद्यार्थी इस कोर्स में रुचि रखते हैं, उनको इस कोर्स के माध्यम से होने वाले फायदों के बारे में भी पता होना जरूरी है।

जैसा कि आपको पता ही है, इस MA Course को अनेकों प्रकार के विषयों के साथ किया जा सकता है। इस वजह से इस कोर्स के फायदे भी उतने ही अधिक हैं।

आप सभी की जानकारी के लिए m.a. करने के फायदे से संबंधित विवरण नीचे दिया गया है।

  • इस कोर्स को करने के पश्चात आपको पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल होती है। जिसके माध्यम से अनेकों प्रकार का रोजगार प्राप्त किया जा सकता है।
  • जिन सरकारी नौकरियों में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री आवश्यक होती है। उन नौकरियों के लिए इस डिग्री के माध्यम से अप्लाई किया जा सकता है।
  • मल्टीनेशनल कंपनियों में जहां पर स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक होती है। वहां पर इसके द्वारा नौकरी प्राप्त की जा सकती है।
  • स्नातक डिग्री के मुकाबले इस मास्टर डिग्री से उच्च पदों पर नौकरी प्राप्त की जा सकती है।
  • शिक्षक के तौर पर कार्य करने के लिए अपने पसंदीदा विषय को चुनकर इस कोर्स को किया जा सकता है।
  • प्रोफेसर बनने के लिए इस कोर्स के बाद पीएचडी जैसे कोर्स किए जा सकते हैं।
  • स्वयं के व्यवसाय के रूप में इस कोर्स के पश्चात ट्यूशन सेंटर जैसे व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं।
  • इस कोर्स के पश्चात विदेशों में जाकर अच्छी नौकरी प्राप्त की जा सकती है।

ऊपर दिया गया विवरण m.a. करने के फायदे से संबंधित था। इसके अलावा भी और बहुत सारे फायदे इस कोर्स को करने के पश्चात प्राप्त होते हैं।

Career option after MA Course in Hindi | m.a. के बाद क्या करें

M.a. करने के पश्चात भविष्य को लेकर कैरियर विकल्प के रूप में अनेकों प्रकार के ऑप्शन उपलब्ध होते हैं। जिनमें से किसी भी एक विकल्प को चुन कर अपने भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

इस Master of Arts कोर्स के माध्यम से सरकारी तथा प्राइवेट कंपनियों में उच्च पदों पर नौकरियां भी प्राप्त की जा सकती हैं। साथ ही अपना खुद का व्यवसाय भी शुरू किया जा सकता है।

जो विद्यार्थी इसके पश्चात रोजगार में रुचि ना लेकर अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त करने के लिए अग्रिम पढ़ाई करना चाहते हैं। उनके लिए विभिन्न प्रकार के कोर्स भारत में उपलब्ध हैं इससे संबंधित जानकारियां आगे दी गई है।

Courses after MA Course | m.a. के बाद कौन सा कोर्स करें

अगर कोई विद्यार्थी किसी विषय में अत्यधिक महारत हासिल करना चाहता है। तो वह इस MA Course के पश्चात अग्रिम पढ़ाई हेतु पीएचडी जैसे कोर्स कर सकता है।

अग्रिम पढ़ाई के रूप में कंप्यूटर कौशल को सीखने हेतु पीजीडीसीए जैसे कोर्स किए जा सकते हैं। साथ ही प्रबंधन से संबंधित कौशल प्राप्त करने के लिए पीजीडीएम और एमबीए जैसे कोर्स का चयन किया जा सकता है।

पीजीडीएम एक डिप्लोमा कोर्स है। जबकि एमबीए इस कोर्स के बराबर काही स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स है। इन दोनों कोर्सों में प्रबंधन से संबंधित कौशल सिखाए जाते हैं।

कंप्यूटर कौशल के लिए पीजीडीसीए कोर्स के अलावा डीसीए, एडीसीए जैसे कोर्सों को भी किया जा सकता है।

कोर्सों की जानकारी के पश्चात अब आगे इस कोर्स के माध्यम से प्राप्त होने वाली नौकरियों के बारे में जानकारी दी गई है।

Jobs after MA Course in Hindi | MA नौकरियों की जानकारी

जो भी विद्यार्थी इस स्नातकोत्तर डिग्री को रोजगार प्राप्त करने के मकसद से करते हैं। उनके लिए MA Course को पूरा करने के पश्चात विभिन्न प्रकार के विभागों में अनेकों प्रकार के विकल्प उपलब्ध होते हैं।

वे इस डिग्री के माध्यम से सरकारी पदों से लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पदों पर नौकरी प्राप्त की जा सकती है।

स्नातक डिग्री के द्वारा जो नौकरियां प्राप्त होती हैं। उन स्थानों पर भी इस डिग्री को प्राथमिकता दी जाती है। जबकि स्नातक डिग्री के मुकाबले इस डिग्री से उच्च पदों पर नौकरियां प्राप्त की जा सकती हैं।

इस डिग्री के माध्यम से किन क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। उनमें से कुछ प्रमुख क्षेत्रों के नाम नीचे दिए गए हैं।

  • व्यापारिक घराने (Business Houses)
  • समाज सेवक (Social Worker)
  • शिक्षक और व्याख्याता (Teacher & Lecturer)
  • खबर और मीडिया छेत्र (News & Media)
  • व्यापार सलाहकार (Business Consultant)
  • लॉबीस्ट / ऑर्गेनाइजर (Lobbyist / Organizer)
  • मानव संसाधन प्रबंधक (Human Resource Manager)
  • श्रम प्रबंधन संबंध विशेषज्ञ (Labor Management Relations Specialist)
  • शैक्षिक संस्थान (Educational Institutes)
  • औद्योगिक घराने (Industrial Houses)
  • पर्यटन उद्योग (Tourism Industry)

ऊपर बताया गया इन क्षेत्रों के अलावा और भी बहुत सारी क्षेत्र है। जहां पर 1 डिग्री के माध्यम से नौकरी प्राप्त की जा सकती है।

इस आर्टिकल एम ए कोर्स डिटेल्स इन हिंदी में आगे नौकरी से प्राप्त होने वाले वेतन के बारे में जानकारी दी गई है। कि आखिर एमए सैलेरी कितनी होती है।

MA Salary in India | m.a. की सैलरी कितनी होती है

M.a. की सैलरी की बात करें, तो इसको को विभिन्न प्रकार के विषयों के साथ किया जा सकता है। उन विषयों के आधार पर ही नौकरी प्राप्त होती है। हर एक नौकरी में अलग प्रकार का कार्य करना होता है।

अलग-अलग कार्य होने के कारण इन सभी पदों से प्राप्त होने वाले वेतन में भी अंतर होता है। इसलिए इसका कोई एक आंकड़ा लगा पाना आसान नहीं है।

विद्यार्थियों की जानकारी के लिए MA Salary का औसत के अनुसार अनुमान लगाया जा सकता है। कि आखिर m.a. पास आउट महीने का कितना कमा सकता है।

MA Salary in India: m.a. सैलेरी के रूप में शुरुआती दौर में लगभग ₹10000 से लेकर ₹30000 तक प्रति महीना कमाया जा सकता है। जबकि कुछ पल ऐसे होते हैं, जिनमें शुरुआत में ही ₹30000 से लेकर ₹50000 तक प्रति महीना वेतन प्राप्त होता है। इस प्रकार के पद अधिकतर सरकारी नौकरियां में होते हैं।

कुछ समय का अनुभव प्राप्त होने के पश्चात यही MA Salary लगभग ₹25000 से लेकर ₹50000 तक बढ़ जाती है। कुछ पद तो ऐसे होते हैं, जिसमें यह सैलरी ₹50000 से लेकर ₹100000 तक चली जाती है।

इस कोर्स में आने वाले खर्च और इससे प्राप्त होने वाली सैलरी का हिसाब लगाया जाए, तो Master of Arts Course अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है।

Top College for MA in India | m.a. के लिए भारत के सबसे अच्छे कॉलेज

इस कोर्स के लिए भारत के सभी कॉलेज इस कोर्स की सुविधा प्रदान करते हैं। और इस कोर्स के लिए प्रचलित कॉलेजों की सूची भी बहुत लंबी है।

उदाहरण के लिए इस Master of Arts कोर्स के कुछ प्रमुख कॉलेजों के नाम नीचे दिए गए हैं।

Top College for MA in India

  • Loyola College, Chennai
  • Hansraj College, Delhi
  • Hindu College, Delhi
  • St Xavier’s College, Kolkata
  • PSGR Krishnammal College for Women, Coimbatore
  • Anwarul Uloom College, Hyderabad
  • BJB Autonomous College, Bhubaneswar
  • DAV College, Chandigarh
  • St Thomas College, Thrissur
  • Government College, Sector 9 Gurgaon
  • Mar Ivanios College, Nalanchira
  • OUCW KOTI – Osmania University College For Women
  • Symbiosis College of Arts and Commerce, Pune

हमारा यह आर्टिकल MA Course Details in Hindi पर आधारित था। जो अब यहीं पर समाप्त होता है। आर्टिकल में आपने एम ए कोर्स की जानकारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। जिसमें m.a. क्या है, एम ए कोर्स का फुल फॉर्म, m.a. सिलेबस, m.a. कितने प्रकार का होता है, m.a. कितने साल का कोर्स है जैसी जानकारियां प्राप्त की।

लेकिन फिर भी अगर कोई ऐसा सवाल जो हमसे छूट गया हो। तो उस सवाल को नीचे कमेंट बॉक्स में हम तक जरूर पहुंचाएं।

हम उस छूटे हुए सवाल को जल्द से जल्द उत्तर सहित आप तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जिसे एम ए कोर्स की जानकारी में रुचि है। और हमारे द्वारा दी गई जानकारी उसके लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। तो उस व्यक्ति तक हमारे इस जानकारी भरी आर्टिकल को जरूर पहुंचाएं।

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